ओशो : न मैं अनुयायियों को मानता हूं, न गुरुओं को...

न मैं अनुयायियों को मानता हूं, न गुरुओं को। न मैं किसी से प्रभावित हूं, न किसी को प्रभावित करने की इच्छा है। न आपसे आशा करता हूं–कि आप तुलना करें। सुनें। समझें। छोड़ दें–फिर। न मेरे साथ चलने की जरूरत है। न मेरे पीछे चलने की जरूरत है। थोड़ी देर के लिए मिल गए। थोड़ी देर के लिए हंस-बोल लिए। फिर अपना-अपना रास्ता है। कोई किसी के साथ नहीं है। सब अकेले हैं।

ओशो
प्रभु मंदिर के द्वार-(प्रवचन-03)


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