ओशो : यह जीवन सपना है ...

यह जीवन सपना है, 

यह टूटेगा, 

इसके टूटने में ही कल्याण है ! 

इसके टूटने में सौभाग्य है , 

वरदान है !  

क्योंकि यह सपना टूटे ,

तो परमात्मा से मिलन हो ! 

यह विराग जगे संसार से ,

तो परमात्मा में राग जगे !


ओशो

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