ओशो : "तीर्थ है, मंदिर है, उनका सारा का सारा विज्ञान है।

 

"तीर्थ है, मंदिर है, उनका सारा का सारा विज्ञान है।



और उस पूरे विज्ञान की अपनी सूत्रबद्ध प्रक्रिया है।… 

एक भी कदम बीच में खो जाए, एक भी सूत्र बीच में खो जाए, तो परिणाम नहीं होता।

जिन गुप्त तीर्थों की मैं बात कर रहा हूं उनके द्वार हैं, उन तक पहुंचने की व्यवस्थाएं हैं,
लेकिन उन सबके आंतरिक सूत्र हैं। इन तीर्थों में ऐसा सारा इंतजाम है कि जिनका उपयोग करके चेतना गतिमान हो सके।"—ओशो

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